18 नवंबर 2024 - 16:58
समाचार कोड: 1505763
चीन के साथ सहयोग मानवता और न्याय के साथ-साथ जापान की अपनी सुरक्षा के साथ विश्वासघात करता है। हम जापान के प्रधानमंत्री से आग्रह करते हैं कि वह स्वतंत्रता के साथ जुड़ें, न कि अत्याचार के साथ।
उइगर मुसलमानों को लेकर लगातार ख़बरों में रहने वाले चीन को अब जापान ज़ोर का झटका दे सकता है। चीन और जापान के रिश्तों में सुधार लाने वाले प्रयासों को एक बड़ा झटका लग सकता है। यह झटका किसी और से नहीं बल्कि चीन की खुद की करनी के चलते लगेगा। दरअसल उइगर मुसलमानों की स्थिति को लेकर उइगर अमेरिका नेता सालेह हुदयार ने जापान के प्रधानमंत्री से चीन के साथ किसी भी तरह के सहयोग को करने से मना करने का आग्रह किया है। पूर्वी तुर्किस्तान की स्वतंत्रता की वकालत करने वाले सालेह हुदयार ने जापान से अपने रुख पर पुनर्विचार करने का आग्रह करते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने टोक्यो से चीन के साथ सहयोग करने से परहेज करने का आह्वान किया। उन्होंने X पर पोस्ट किया कि “जापान को चीन के नरसंहारक शासन के साथ सहयोग नहीं करना चाहिए, जो पूर्वी तुर्किस्तान में उइगर नरसंहार जारी रखे हुए है। चीन के साथ सहयोग मानवता और न्याय के साथ-साथ जापान की अपनी सुरक्षा के साथ विश्वासघात करता है। हम जापान के प्रधानमंत्री से आग्रह करते हैं कि वह स्वतंत्रता के साथ जुड़ें, न कि अत्याचार के साथ। झिंजियांग पर चीनी सरकार के औपचारिक नियंत्रण की स्थापना के बाद से, उइगर आबादी अक्सर अपनी सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक प्रथाओं और राजनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखने के लिए संघर्ष करती रही है। कई उइगर इस क्षेत्र को अपनी मातृभूमि मानते हैं। वो सालों से स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर चीनी सरकार और उइगर अलगाववादी आंदोलनों के बीच तनाव बढ़ गया है।